
* महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व में चारखेड़ा एवं सर्किट हाउस जल शोधन संयंत्रों के हैंडिंग-ओवर प्रक्रिया को लेकर समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*
खण्डवा// महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव की अध्यक्षता में चारखेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं सर्किट हाउस प्लांट के हैंडिंग ओवर–टेकिंग ओवर से संबंधित प्रक्रिया को लेकर गठित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत, उपायुक्त श्री एस.आर. सिटोले सहित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जल शोधन संयंत्रों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा नागरिकों को निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा करना रहा। इस अवसर पर संयंत्रों की तकनीकी स्थिति, मशीनरी की कार्यक्षमता, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपयंत्री श्री संजय शुक्ला द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि सर्किट हाउस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में स्थापित 214 हॉर्स पावर के कुल 6 पंपों में से 2 पंपों को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इसी प्रकार 40 हॉर्स पावर के 4 पंपों में से 1 पंप भी मरम्मत योग्य स्थिति में पाया गया। इसके अतिरिक्त चारखेड़ा संयंत्र में क्लियर वाटर सप्लाई के लिए लगे 9 पंपों में से 4 पंपों को मरम्मत की आवश्यकता है, वहीं इनटेक व्हील में लगे 3 वर्टिकल टरबाइन पंपों में से 1 पंप वर्तमान में अंडर रिपेयर स्थिति में है।
इन सभी तकनीकी बिंदुओं पर गहन चर्चा के उपरांत माननीय महापौर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी खराब एवं मरम्मत योग्य पंपों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि संयंत्रों पर कार्यरत कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कुल 17 कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे मशीनरी संचालन एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में विद्युत संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक स्थायी इलेक्ट्रिकल वेंडर की व्यवस्था की जाए, ताकि अचानक बिजली संबंधी खराबी से जल आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त चारखेड़ा संयंत्र के लिए एक स्थायी केमिस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा सके और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके महापौर द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि चारखेड़ा प्लांट के संचालन एवं निरीक्षण हेतु एक स्थायी वाहन की व्यवस्था की जाए, ताकि संबंधित अधिकारी एवं तकनीकी स्टाफ समय-समय पर संयंत्र का निरीक्षण कर सकें और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई कर सकें। साथ ही एक माह के भीतर क्लोरीनेटर सिस्टम को पूरी तरह सुचारू रूप से चालू करने के निर्देश दिए गए, जिससे जल में आवश्यक क्लोरीन मात्रा सुनिश्चित कर स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जा सके।
बैठक के दौरान आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत एवं उपायुक्त श्री एस.आर. सिटोले द्वारा भी तकनीकी पहलुओं पर सुझाव दिए गए तथा यह सुनिश्चित किया गया कि हैंडिंग ओवर–टेकिंग ओवर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, दस्तावेजों सहित एवं समयबद्ध रूप से संपन्न की जाए।
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने बैठक में स्पष्ट कहा कि नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों को निरंतर, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी तकनीकी, प्रशासनिक एवं मानव संसाधन से जुड़ी कमियों को समय रहते दूर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक के अंत में यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों संयंत्रों की स्थिति पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और समिति द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।












